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| shubhi love to tease mathematical problems while priya don't.... |
मैंने प्रिया से कहा,‘तुम सवालों से डरना छोड़ दो। पढ़ाई जमकर करो। ये सवाल मामूली हैं, चुटकी के हैं। भला इनसे हमारा क्या बिगड़ा। वैसे भी पढ़ाई लिखाई हम इंसानों ने ही बनाई है। फिर क्यों हम डरें?’
‘ऐसा करो कि सवाल तुमसे डरें। अब तुम डर रही हो और सवाल डंडा लेकर तुम्हारा पीछा कर रहे हैं। जरा ध्यान से सोचो, कुछ भी तो नहीं हैं। अब शुभी को ही देख लो, सवालों के पीछे डंडा लेकर पड़ी रहती है। इसलिए वह खुश रहती है, और बेचारे सवाल ‘भीगी बिल्ली।’
मेरे इस ‘उपदेश’ का पता नहीं कितना असर होगा प्रिया पर, लेकिन सवालों से डरना बड़ी बेवकूफी लगती है।
yours
harminder

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