शुभांगी का जन्म दिन है। 28 अगस्त को वह अपनी उम्र में एक साल बड़ी हो जायेगी। शुभी खुश है। उधर अनमोल तो हमेशा की तरह नार्मल है। वह ऐसा ही है। उसपर इन बातों का फर्क उतना नहीं पड़ता। शायद मुझे कुछ ज्यादा की एक्साइटमेंट होती है ऐसे मौकों पर, लेकिन उसी समय जब किसी अच्छे इंसान की बात हो रही हो।
मैंने शुभी से कहा कि मेरी ओर से भी शुभांगी को हैप्पी बर्थडे कह देना। इसलिए शुभी ने जिद की कि मैं उसकी दीदी के लिए कुछ कार्ड बगैरह बनाकर दूं। अब छोटी बच्ची के सामने मेरी कहां चलने वाली थी। सो मैंने एक लाईन वाले पेपर पर एक लड़का बना दिया, जिसकी मूंछे चार्ली चैपलिन की तरह थीं। फिर उसने कहा कि इसमें कुछ लिखना भी है तो मैंने कहा कि शुभी तुम अपनी ओर से दे देना, मैं इस समय क्या उपहार ला सकता हूं। फिर शुभी बोली कि ठीक है अनमोल से उसमें कुछ लिखवा लूंगी।
मुझे शुभी ने बताया कि शुभांगी के स्कूल में रात में ही सारे बच्चे हंगामा करते हैं और जिसका जन्मदिन होता है, उसकी खुशी में 12 बजे से पार्टी भी होती है। मुझे ये थोड़ा अलग लगता है क्योंकि मेरे साथ ऐसा कभी हुआ नहीं क्योंकि मैं होस्टल में कभी रहा ही नहीं।
खैर, शुभकामनायें 100 किलोमीटर दूर से दी जा सकती हैं। लेकिन उस ग्रीटिंग कार्ड को कभी भूला नहीं जा सकता जो मुझे मेरे बर्थडे पर दो साल पहले दिया गया था। उसके लिए शुभांगी का धन्यवाद।
yours
harminder
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