
शुभी का वजन काफी बढ़ चुका है। स्कूल की उसकी नयी ड्रेस गजरौला में कहीं मिली नहीं। यहां तक शुभांगी के कपड़े भी छोटे पड़ गये। इससे अंदाजा हो जाता है कि हमारी शुभी कितनी ‘हैवी’ हो गयी है।
उसकी बुआ ने बताया कि जब होलीडे के दौरान शुभी के हाथ की हड्डी चटक गयी थी तो उसने कुछ दवाइयां खाईं। उन्हें खाकर उसकी भूख कुछ ज्यादा ही खुल गयी।
वैसे अनमोल जो शुभी का भाई है, काफी समय पहले उसने भी खुजली होने पर एक दवाई खाई थी। वह तब थोड़ा मोटा हो गया था। मैं सोच रहा हूं कि क्यों न मैं भी खुजली वाली दवा खा लूं। क्या पता मेरी सेहत में थोड़ा सुधार आ जाए। वैसे इतना दुबला भी नहीं हूं मैं।
शुभी से भी मैंने कहा कि मुझे मोटा नहीं होना।
वह बोली-‘क्यों?’
मैंने मुंह पिचकाकर कहा-‘...क्योंकि मुझे अपना हाथ नहीं तुड़वाना।’
यह सुनकर वह जोर से हंस दी।
yours
Harminder
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