कुछ लोग मुझसे कहते हैं कि मुझे ‘स्कूल-लाइव’ का नाम बदलकर ‘शुभी-लाइव’ रख देना चाहिए। जबकि पहले कहते थे कि ‘अंजलि-लाइव’ नाम ज्यादा सूट करता है।मैं केवल मुस्कराकर यही कहता हूं-‘धन्यवाद आपके सजेशन के लिए।’ वे जानते हैं मैं अपनी मर्जी का मालिक हूं। वे यह भी जानते हैं कि मैं कई मामलों में जिद्दी टाइप इंसान हूं। पर सबसे बड़ी बात कि मैं मजाक भी काफी अच्छा कर लेता हूं।
‘अंजलि’ जो मेरा पात्र है वह रियल लाइफ से प्रेरित है लेकिन वह अब ‘वृद्धग्राम’ पर पहुंचा दिया गया। रही बात शुभी की तो वह शत-प्रतिशत जीवंत है। उसकी बातें और स्टाइल की चर्चा मैं करता रहता हूं।
फिलहाल किसी एंगल से लगता नहीं कि शुभी को डंप किया जायेगा।
शुभी की नटखट शरारतें स्कूल-लाइव पर जारी रहेंगी, चाहें भैया कोई उन्हें पढ़े या नहीं।
yours
Harminder
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