
हम पर दया करो भगवान,
हम तेरे बालक नादान,
विद्या-बुद्धि का दो दान,
निस-दिन करें आपका ध्यान।
अंधकार को दूर भगाएं,
सेवा-पथ पर पैर बढ़ाएं,
सबके मन को सुख पहुंचाएं,
देश का हो हमसे कल्याण।
मात-पिता का मानें कहना,
सबको समझें भाई-बहिना,
बुरी बात से बचकर रहना,
सबका करें सदा सम्मान।
कष्टों से हम न घबरायें,
आगे ही आगे बढ़ते जाएं,
कभी न पीछे कदम हटायें,
सदा जियें हम सीना तान।
हम पर दया करो भगवान,
हम तेरे बालक नादान।
-Prabhjot Kaur
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