
शाम को बैडमिंटन खेलते समय सुमित बोलता बहुत है। हमारा खेल इससे बिल्कुल प्रभावित नहीं होता। मैं कहता हूं -‘वी प्ले फोर फन’।
पता नहीं कहां-कहां की कहानियां लेकर आता है वह पांच फुट कुछ इंच का शख्स। आजकल उसे एक गाना पसंद आ रहा है। वह उसके बोल गुनगुनाये जाता है। मगर मेरी याददाश्त तो देखिये, भूल गया।
एक राज की बात जो जब राज बिल्कुल नहीं रहने वाली कि मुझे अपना खुद का फोन नंबर भी याद नहीं रहता। आप कहेंगे क्या बेकार जोक मारा है। खैर, गंभीरता का सवाल शक के दायरे में है।
सुमित की बक-बक बेकार नहीं होती। इतिहास से लेकर वर्तमान की बातों पर खुलकर चर्चा करता है। दो जनों का खेल के साथ मनोरंजन हो जाता है।
कुछ लोग मुझे भी काफी बोलने वाला कह देते हैं।
इसपर शुभी की राय देखिये :
‘‘आप का भाषण खत्म हो गया, अब हमारी भी सुनो।’’
शुभी, लेकिन मेरे कान तो खुले हैं।
-Harminder Singh
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