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शुक्रवार, मार्च 04, 2011

कमाल का दिन था





4 march 2011

मुझे कुछ लोगों को बधाई देनी चाहिए थी लेकिन मैंने ऐसा किया नहीं। कई बार यह मेरे बस के बाहर होता है। इसके कई कारण हो सकते हैं।

पहला यह कि जिसे आप बधाई या शुभकामना देने के इच्छुक हैं, वह आपके संपर्क में नहीं है क्योंकि उससे किसी भी तरह संपर्क नहीं किया जा सकता।

दूसरा यह कि वह कोई लड़की है या दो लड़कियां।

चलिए मौसम से शुरुआत करते हैं। सुबह बादल थे, पर बरसे नहीं। हां, कल बरसात जरुर हुई थी। सबसे कमाल आज मैं नहाया नहीं। वैसे मैं रोज नहाता हूं।

सुबह उठकर सबसे पहले मैंने खुद से कहा,‘‘मुझे जल्दी है।’’ मगर किस बात की, यह मैंने सोचा भी नहीं।

एक और मजेदार बात यह भी रही कि मैंने बिना मुंह धोये भगवान का स्मरण आधा घंटा किया, जैसा मैं रोज करता हूं (लेकिन हां, नहाकर)। फिर जल्दी से बाद में मुंह धोया, ताकि ‘शक्कर-पारे’ चाय के साथ खा सकूं। ‘शक्कर-पारे’ मुझे बहुत अच्छे लगते हैं, उनके लिए मैं कुछ भी कर सकता हूं। यानि filmy style में ‘वीरु’ भी बन सकता हूं, पानी की टंकी पर चढ़ कर चिल्ला भी सकता हूं - "I want SHAKKAR-PAREY, I can't live without them." ,लेकिन यह तो CRAZYness वाली बात हो गयी। खैर, सुबह का नाश्ता हो गया।

आज HBO या STAR MOVIES को हाथ नहीं लगाया। वैसे World-Cup का मैच भूल गया।

शुभी आज काफी Serious दिखी। उसने बहुत पैंसिल की घिसाई की। उसी दौरान सुमित आ गया। उसने एक सिक्का ले रखा था। मैंने कहा कि अगर HEAD आया तो तुम्हारे खराब नंबर आयेंगे, अगर TAIL आया तो अच्छे। उसका head आया, पर वह मुस्कराता रहा।

फिर मैंने सुमित से कहा कि North-Pole और South-Pole का exam कैसा jayega? बताता चलूं कि मेरा मतलब South-Pole SHUBHANGI से है और North-Pole MANSI से।

ऐसा मैंने इसलिए कहा क्योंकि मैं मजाक से कभी बाज नहीं आता और शायद न आऊं। कई लोग इसी कारण मुझसे दूर चले गए -तुम अच्छी तरह जानती हो न अंजलि। But HABITS ARE STICKY, You Know na ,मुझे माफ करना भगवान। मैं माफी भी HAND to HAND मांग लेता हूं -मन को तसल्ली मिलती है।

तो मैं कह रहा था कि SHUBHANGI का PREDICTION, अच्छे नंबर का रहा, और MANSI का खराब। कल यानि 5 मार्च 2011 को उनका MATHEMATICS का पेपर है।

सबसे हंसी इस बात की रही कि सुमित मुझसे पूछने आया कि 45 degree का angle कैसे बनता है। मुझे पता था कि वह मजाक कर रहा है। मैं भी हंसता रहा, लेकिन मैंने White-board पर उसे नीले-पैन से बनाकर बता दिया, निम्न दो प्रकार से :
1. पहले 90 degree का angle बनाओ, फिर उसे bisect कर दो।
2. 60 degree के angle को भी bisect कर, उसमें 15 degree जोड़ा जा सकता है।

मुझे SUMIT पर कई बार हंसी आती है और SHUBHANGI पर भी। दोनों लगते अजीब हैं, लेकिन मेरे Favourite हैं। शायद मैं इन्हें कभी भूल पाऊं। इन्हें भूला भी तो नहीं जा सकता।

loads of wishes for sumit, mansi

&

ABOVE ALL

SHUBHANGI.

1 टिप्पणी:

  1. पिछली दो दफ़ा से आपका ब्लॉग पढ़ रहा हूं। बहुत सहज-सरल भाषा में रोचक ढ्रग से लिखते हैं आप। मैंने इस ब्लॉग का लिंक अपने एक ब्लॉग 'सरल की डायरी' http://www.saralkidiary.blogspot.com/ पर भी दिया है। शुभकामनाओं सहित..

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