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शनिवार, जुलाई 17, 2010

थोड़े-थोड़े से काफी कवर हो सकता है



Quarterly एक्साम नजदीक हैं। बच्चों का पढाई पर पूरा जोर है। सुमित काफी कोशिश कर रहा है कि इस बार वह पहले से अच्छे अंक लाये। उसने साफ कह दिया-''मुझे अपना system तैयार करना है। इस साल दसवीं क्लास का मामला है। यह आसान नहीं है। पूरी मेहनत से जुटना है।''

Shubhangi मैथ्स की RD कम्पलीट करने में जुटी है। Sumit अभी RS ही कर रहा है।

सुमित ने बताया था कि उसे आजकल नींद बहुत आ रही है। वह वैसे रात में १० बजे तक जागता है। मगर वह चाहता है कि रात में १२ बजे तक पढ ाई की जाये। इसके लिए वह उपाय भी पूछ रहा था। सुबह उठने में भी वह देर करता है। शायद यह एक्सट्रा वर्क की वजह से हो।

students गधे की तरह बोझा ढोने को मजबूर लग रहे हैं। पढाई में सुमित और शुभांगी को टेंशन जरुर है, लेकिन वे अपने टाइम टेबल से उसपर काबू कर लेते हैं। अधिकतर स्टूडेंट्‌स के साथ परेशानी इसलिए भी है क्योंकि वे समय को गंवा देते हैं। मेरा मानना है कि जितना आपने किया है, उसे पक्का करते रहिए। टेंशन नहीं होगी। रोज मैथ्स कीजिए मन को तसल्ली मिलती रहेगी कि हां, थोडा-थोडा ही सही, काफी कुछ धीरे-धीरे आप कवर कर सकते हैं।

बस आप हिम्मत मत हारिये। शांति से जुटे रहिए। सब ठीक हो जायेगा और नंबर भी अच्छे आयेंगे। बचिए तो सिर्फ जल्दबाजी से।

pic by harminder singh

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