पन्द्रह अगस्त का प्यारा दिन,
भारत का राजदुलारा दिन।
इस दिन आजादी आई थी,
बापू को मिली बधाई थी।
था ताज जवाहर के सिर पर,
थे जगमग दीप जले घर-घर।
हो गया देश अपना सारा,
बह चली मधुर अमृत धारा।
इस एक दिवस की खातिर ही,
सदियों तक विपदा झेली थी।
झुलसे थे, बच्चे नर-नारी,
थी वीरों को सूली प्यारी।
जेलों में उम्र बिताई थी,
तब कहीं घड़ी यह आई थी।
जब तक ये चांद सितारे हैं,
सागर के कूल किनारे हैं।
दिन उसी तरह वह आयेगा,
वीरों को याद दिलायेगा।
झंडा लहराया जायेगा,
जन गण मन भी गाया जायेगा।
हम हिल मिल कर सब गायेंगे,
दुनिया को यह बतलायेंगे।
मन मंदिर में ले प्रीति बसा,
बापू का यही संदेशा था।
-Astha Dargad
0 comments