
पिछले काफी समय से दो चेहरे टीवी और अखबारों में छाये थे - बाबा और अन्ना। दोनों की लड़ाई भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों से है। एक छोटा बच्चा मुझसे पूछता है,‘ये बाबा जी अब योग नहीं सिखा रहे।’
मैंने कहा कि बाबा लोगों को जागरुक कर रहे हैं। योग भी सिखा रहे हैं।
बच्चे ने फिर पूछा,‘क्या बाबा सफल होंगे?’
मैंने कहा,‘जब वे भरोसे के साथ हैं तो सफल जरुर होंगे।’
उस छोटे बच्चे में बाबा रामदेव के प्रति बड़ी जिज्ञासा थी। वह मुझसे उनके बारे में ढेरों सवाल करने लगा। फिर अन्ना के विषय में उसने कितना कुछ पूछ लिया।
यह कोई हैरानी वाली बात नहीं कि बच्चा-बच्चा जानता है कि भ्रष्टाचार के लिए कुछ लोग जुटे हैं। बच्चा शायद यह नहीं जानता कि इसका असल मतलब क्या है और उसे आसानी से समझाया भी नहीं जा सकता। लेकिन वह पूरे उत्साह के साथ है।
-Harminder Singh
know more about Anna & Baba :
0 comments