![]() |
| छुट्टी का अपना ही मजा होता है। बच्चे मानो आजाद परिंदे हो जाते हैं। |
स्कूलों में प्रोजेक्ट वर्क इतना हो गया था कि बच्चों की नींद हराम हो रही थी। अब तो लगभग सारा काम निपट ही गया।
छुट्टी का अपना ही मजा होता है। बच्चे मानो आजाद परिंदे हो जाते हैं। वैसे स्कूल से ढेर सारा होमवर्क भी तो मिलता है। उसे किया जाना भी जरुरी है।
कई बच्चे पूरी छुट्टी कुछ करते नहीं। जब स्कूल खुलने की बारी आती है तब दिन-रात एक कर देते हैं। खुद तो परेशान होते हैं, साथ में अपने माता-पिता को भी तंग करते हैं।
प्लान भी बना रहे हैं बच्चे
कई बच्चे घूमने के प्लान भी बना रहे हैं। शुभी कह रही थी कि वह इस बार किसी ऐसी जगह जायेगी जो बहुत ही खूबसूरत होगी। शायद कोई रिसोर्ट या पहाड़ी इलाका।
उधर निशांत भी प्लानिंग कर रहा है। वह राजस्थान जाने की सोच रहा है। वहां उसके कोई रिश्तेदार रहते हैं। पहले भी कई बार वह वहां जा चुका है। इस बार उसका कहना है कि वह दूसरे इलाकों का भी सफर करेगा।
-Harminder Singh

0 comments