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शनिवार, जून 18, 2011

जिंदगी का मोड़




















जिंदगी
कैसे-कैसे दिन दिखाती है,
पल-पल नये एहसास कराती है,
एहसास जिंदगी का रि’तों को मजबूत बनाता है,
दो दिलों को साथ जीना सिखाता है।

जिंदगी में आने वाले अनचाहे मोड़ों को किसने देखा है?
पलभर में जिंदगी को संभलते और बिखरते देखा है,
जिंदगी में बहुत रिश्ते देखे हैं,
पर दो अनजान दिलों को साथ धड़कते हमने देखा है।

जिंदगी कैसे-कैसे दिन दिखाती है,
पल-पल नये एहसास कराती है।

दो दिल धड़ककर एक जान बन जाते हैं,
प्यार करने वालों की एक मिसाल बन जाते हैं,
सुना है समय किसी के लिए रुकता नहीं,
पर प्यार के सामने समय को झुकते हुए हमने देखा है।

जिंदगी कैसे-कैसे दिन दिखाती है,
पल-पल नये एहसास कराती है।

बहते पानी का रुख और हवा का झोंका बदल जाता है,
जब कोई दिल रोता है, भगवान भी झुक जाता है,
क्या इस नियति को आजमाकर किसी ने देखा है,
हमने तो यहां पल-पल टूटकर बिखरते हुए खुद को देखा है।

जिंदगी कैसे-कैसे दिन दिखाती है,
पल-पल नये एहसास कराती है।

-Anshika Agarwal


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